Wednesday, September 03, 2008

तुझे चैन ना आये मेरे बिन

ये दुआ है अतिशे इश्क़ मे

के तू मेरी तरह से जला करे

ना नसीब मे शरबत-ए-वस्ल हो

सदा ज़हर-ए-गम तू पीया करे

तेरे सामने तेरा घर जले

तेरा बस चले, तू बचा ना सके

ना खुदा दिखाये तुझे खुशी

आये खैर से वो भी दिन

तुझे चैन ना आये मेरे बिन

ना लगाऊ मै तुझे गले

मिनते तू मेरी किया करे

...Ravi
'YADEIN'
http://ravi-yadein.blogspot.com/